कविता पढ़ो और प्रश्नों के उत्तर दो।
रिमझिम रिमझिम गाती बूँदें,
धरती पर हैं आती बूंदें।
खेतों, बागों, मैदानों में,
हरियाली फैलाती बूंदें ।
धरती से नालों, नदियों में,
सागर में मिल जाती बूंदें।
गरमी से तपते लोगों को,
शीतलता पहुँचाती बूंदें।
मेंढक, मोर, पपीहे, कोयल,
सबका मन हरषातीं बूंदें ।
पुरवाई के रथ पर चढ़कर,
इठलातीं, मुसकातीं बूंदें।
- रोहिताश्वअस्थाना